Whatsapp ने भारत में चुनाव से पहले अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स के लिए एक बड़े अपडेट की घोषणा की है जो यूजर्स को यह तय करने देगा कि उन्हें चैट ग्रुप में कौन जोड़ सकता है। यह फीचर का नाम ‘Group Invitation’ है। पहले, वॉट्सऐप उपयोगकर्ताओं को उनकी सहमति के बिना किसी भी गआुप में जोड़ा जा सकता था। विश्व स्तर पर, सोशल मीडिया एक बड़े प्रभावक के रूप में काम करता है, खासकर चुनाव के मौसम में, और वॉट्सऐप चैट ग्रुप का उपयोग करके फेक न्यूज फैलाई जाती हैं। वॉट्सऐप की ओर से कहा गया है कि “वॉट्सऐप ग्रुप परिवार, दोस्तों, सहकर्मियों, क्लासमेट्स और दूसरों से कनेक्ट करना जारी रखेगा। हम एक सिक्योरिटी सेटिंग में बदलाव कर रहे हैं। अब आप तय कर पाएंगे कि आपको किसी वॉट्सऐप ग्रुप में कौन जोड़ सकता है और कौन नहीं।”

अभी अगर आप किसी वॉट्सऐप ग्रुप में नहीं जुड़ना चाहते हैं तो एडमिन को ब्लॉक करने के अलावा कोई दूसरा तरीका नहीं है, लेकिन नया ‘Group Invitation’ फीचर बहुत शांति देने वाला है, खासकर उन लोगों को जो इस चीज से परेशान है कि उन्हें कोई भी किसी भी वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ देता है। नई प्राइवेसी सेटिंग में यूजर सिलेक्ट कर सकेंगे कि उन्हें कौन किसी भी ग्रुप में जोड़ सकता है और कौन नहीं जोड़ सकता है।

Everyone: अगर यूजर प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर इस ऑप्शन को सिलेक्ट करेंगे तो उनके पास किसी भी ग्रुप एडमिन की तरफ से कोई जॉइनिंग इनवाइट नहीं आएगा।
My Contacts: प्राइवेसी सेटिंग्स में इस ऑप्शन को सिलेक्ट करने के बाद यूजर के पास उन ग्रुप एडमिन्स के जॉइनिंग इनवाइट आएंगे जो उनके कॉन्टेक्ट लिस्ट में नहीं हैं।
Nobody: इस ऑप्शन को प्राइवेसी सेटिंग में सिलेक्ट करने पर यूजर को कोई भी किसी भी ग्रुप में नहीं जोड़ पाएगा जब तक कि यूजर उसके लिए तैयार न हो।

कोई भी ज्वाइनिंग इनवाइट 72 घंटे तक रहेगा। उसके बाद वह खत्म हो जाएगा। अगर 72 घंटे में ज्वाइन नहीं करते हैं तो नए इनवाइट का इंतजार करना होगा या फिर ग्रुप इनवाइट लिंक का इस्तेमाल करना होगा। वहीं एक ही ग्रुप के लिए एक साथ 2 इनवाइट नहीं आ सकते हैं।

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