राज्य सरकार के मुताबिक, एचआरए में वृद्धि से राज्य सरकार के कर्मचारियों को 1,920 करोड़ रुपए अतिरिक्त मिलेंगे। हालांकि, लांबा के ताजा बयान से वे सातवें वेतन आयोग के तहत एचआरए 1 जनवरी 2016 से दिए जाने की मांग उठा सकते हैं। ऑल एंप्लाइज यूनियन स्टेट जनरल सेक्रेट्री सुभाष लांबा ने शुक्रवार (दो अगस्त, 2019) को कहा है कि मकान किराया भत्ता (एचआरए) में की जाने वाली बढ़ोतरी इस साल एक अगस्त के बजाय एक जनवरी, 2016 को होनी चाहिए थी।

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत सरकार के इसे एक अगस्त से लागू करने वाले फैसले की वजह से लगभग साढ़े छह हजार करोड़ रुपए का नुकसान होगा। बता दें कि यह रकम राज्य सरकार के कर्मचारियों के 43 महीनों के एरियर के रूप में होगी। कर्मचारियों को राहत देने के लिए हरियाणा सरकार ने ऐलान किया कि वह सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत एक अगस्त से एचआरए मुहैया कराएगी।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के इस निर्णय के पीछे लगभग साढ़े तीन लाख राज्य कर्मचारियों को फायदा पहुंचाना था, जिन्हें इसके तहत बढ़ा एचआरए मिलना है। नरेंद्र मोदी सरकार ने अहम प्रस्ताव किया मंजूर, ये कर्मचारी सीधे तौर पर होंगे लाभान्वित, PM के नेतृत्व वाली NDA सरकार ने मंगलवार 18 जून को रक्षा मंत्रालय के उस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी, जिसके तहत शांति क्षेत्रों में तैनात सैन्य अधिकारियों को फिर से राशन इन काइंड (राशन सामग्री) दिए जाने की बात कही गई थी.

राज्य सरकार के मुताबिक, एचआरए में वृद्धि से राज्य सरकार के कर्मचारियों को 1,920 करोड़ रुपए अतिरिक्त मिलेंगे। हालांकि, लांबा के ताजा बयान से वे सातवें वेतन आयोग के तहत एचआरए 1 जनवरी 2016 से दिए जाने की मांग उठा सकते हैं। अगर सरकार इसे मान लेती है, तब उसे भारी रकम चुकानी पड़ेगी।

इससे पहले, हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यू ने कहा था कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को उनकी बेसिक सैलरी पर आठ फीसदी, 16 फीसदी और 24 फीसदी एचआरए ( 2011 की जनगणना के हिसाब से शहर की जनसंख्या और उसकी श्रेणी के आधार पर) मिलना चाहिए। राज्य सरकार के हालिया कदम से कर्मचारियों को तनख्वाह में 1900 से 6000 रुपए तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी मिलेगी।

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