आज घर बैठे एक साधारण सी किट से अपने प्रेगनेंट (गर्भवती) होने का पता लगाया जा सकता है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि टेस्‍ट करने की सही जानकारी मालूम हो। कई ऐसी महिलाएं हैं, जिन्हें ये ही नहीं पता कि प्रेगनेंसी टेस्ट कब, किस समय और कैसे करना चाहिए।

पहले के समय में बड़े-बुजुर्ग अपने तजुर्बे से ही इस बात का अंदाजा लगा लेते थे कि महिला प्रेगनेंट है या नहीं। कुछ समय बाद डॉक्टरों से यही जानकारी ली जाने लगी। लेकिन अब हर मेडिकल स्टोर पर ऐसी प्रेगनेंसी टेस्ट किट्स बड़ी आसानी से मिल जाती हैं, जो मिनटों में बता सकती हैं कि आप प्रेगनेंट हैं या नहीं।

प्रेगनेंसी टेस्ट किट से जुड़ी जरूरी बातें. अपने जीवन के एक खास पड़ाव पर पहुंच कर लगभग हर दूसरी महिला को प्रेगनेंसी टेस्ट की जरूरत तो पड़ती ही है। ऐसे में जरूरी है कि उसे टेस्ट के बारे में हर छोटी से बड़ी बात पता हो। तो आइए जानते हैं प्रेगनेंसी टेस्ट किट से जुड़ी ये अहम बातें -पीरियड्स मिस होने के एक हफ्ते बाद

बहुत सी महिलाएं हड़बड़ी में आकर जल्दी टेस्ट कर लेती हैं और बदले में मिलता है उन्हें विपरीत नतीजा। दरअसल, महिला के यूरिन में मौजूद एक हॉर्मोन HCG की मौजूदगी से पता चलता है कि महिला गर्भवती है या नहीं। यह हॉर्मोन शरीर में तभी पैदा होता है, जब निषेचित अंडाणु गर्भाशय की दीवार से खुद को जोड़ लेता है। इसीलिए पीरियड्स मिस होने के एक हफ्ते बाद ही टेस्ट करना चाहिए।

सुबह की पहला यूरिन ही जांचें

जी हां, यह सबसे जरूरी और अहम बात है कि प्रेगनेंसी टेस्ट के लिए सुबह का पहला यूरिन ही सही परिणाम देता है। दरअसल इसमें HCG की मात्रा सबसे ज्‍यादा होती है इसलिए इसी से प्रेगनेंसी टेस्‍ट करना चाहिए। दिन या शाम का यूरिन आपको गलत परिणाम भी दिखा सकता है।

सही ढंग से करें प्रेगनेंसी टेस्ट किट का इस्तेमाल

कई बार आपकी लापरवाही के चलते भी सही परिणाम नहीं मिलते हैं। इसलिए इसको इस्तेमाल करने का सही तरीका पता होना बेहद ज़रूरी है। सबसे पहले तो ध्यान रखें कि आप जिस कंटेनर में यूरिन ले रहे हैं, वह साफ और सूखा हो। टेस्ट किट में दिये गये ड्रॉपर की मदद से स्ट्रिप बॉक्स पर यूरिन की तीन बूंदें डालें और उसके बाद 5 से 10 मिनट तक इंतजार करें। इस दौरान ध्यान रखें कि टेस्ट स्ट्रिप के बीच वाले हिस्से को गलती से भी न छुएं।

हर बार सही परिणाम मिले, यह जरूरी नहीं

ऐसा जरूरी नहीं है कि हर बार प्रेगनेंसी टेस्ट किट का परिणाम 100 प्रतिशत सही आए। कभी-कभी ये गलत परिणाम भी दिखाते हैं। जिन महिलाओं को पीसीओडी या पीसीओएस (PCOD, PCOS) की समस्या होती है, उनके रिजल्ट भी कई बार सही नहीं आते हैं। ऐसे में अगर टेस्‍ट निगेटिव आए तो परेशान न हों। कभी-कभी घरेलू किट इसे नहीं पकड़ पाती हैं। ऐसी स्थिति में आप ब्‍लड टेस्‍ट करवा कर भी सही नतीजा जान सकती हैं।

एक्सपायरी डेट ज़रूर चेक कर लें

आमतौर पर यह टेस्ट किट उत्पादन की तारीख से 2-3 साल तक इस्तेमाल की जा सकती हैं। ध्यान रखें कि एक्सपायरी डेट के बाद इसका इस्तेमाल करने से आपको अपनी प्रेगनेंसी से जुड़े सही रिजल्ट का पता नहीं चल सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here