मोदी के बचाव में ‘अन्ना हज़ारे’ ने आते ही देखें क्या बयान दे दिया

जंतर मंतर से लोकपाल बिल के लिए कांग्रेस सरकार को जमकर कोसने वाले समाजसेवी अन्ना हजारे बीजेपी सरकार के आते ही जनहित की सभी बाते भूलकर एक दम गायब हो गये. लेकिन अब पांच राज्यों के चुनावी नतीजों के बाद फिर से ईवीएम पर शुरू हुई बहस में अन्ना भी पांच 4 साल बाद आ कूद पड़े हैं.

बीजेपी के सपोर्ट में अन्ना ने तोड़ी 4 साल की चुप्पी
ये वहीं अन्ना है जो बीजेपी काल में करीब 4 साल तक मोन रहे लेकिन अब जब बीजेपी पर संकट आया तो अपनी गुफा से बाहर निकलकर कहने लगे कि… “पूरी दुनिया आगे बढ़ रही है, और हम यहां पर दोबारा बैलेट पेपर के जमाने में जाने की बात कर रहे हैं. इतना ही नहीं अन्ना ने ये भी कहा कि, ईवीएम का इस्तेमाल करना बिल्कुल सही है. चुनाव आयोग को इससे आगे बढ़कर टोटलाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए, जिससे गलती की गुंजाइश और भी कम हो जाए.”

कांग्रेस काल में जनहित के लिए अक्सर अन्ना करते थे बड़ी-बड़ी बाते
अगर याद हो तो करीब 4 साल पहले काँग्रेस काल में अन्ना ने लोकपाल बिल के लिए जनहित में आन्दोलन किया था. देशहित की बड़ी-बड़ी बाते करते हुए वो लोकपाल बिल को पास करने के लिए अनशन पर कई-कई दिन भूखे प्यासे बैठे थे.

बीजेपी काल में अन्ना का आंदोलन पड़ गया फ़ीका
उस दौर में अन्ना ने जनता को बरगलाते हुए देश में भूचाल ला दिया था. परिणामस्वरूप काँग्रेस की छवि खराब होने से जनता ने काँग्रेस को नकार दिया और भाजपा की सरकार बन गई. आज जबकि बीजेपी सरकार को केंद्र में करीब 4 साल का वक्त हो चला है लेकिन फिर भी भाजपा राज में लोकपाल बिल पास नही होने पर भी अन्ना का आंदोलन नही हुआ.

नोटबंदी में लोगों के मरने के बाद भी अन्ना ने नही तोड़ी चुप्पी
2016 में मोदी सरकार ने देशभर में अचानक नोटबंदी कर सैकड़ो लोगों की कमर तोड़ी लेकिन फिर भी अन्ना का आंदोलन नही हुआ. आज देश में मंहगाई करीब तीन गुना बढ़ गई लेकिन अन्ना का आंदोलन फिर भी नही हुआ. देश में मोदी सरकार ने बहुत कुछ उथल-पुथल कर दिया लेकिन अन्ना नींद से नही जागे.

EVM मामले में भाजपा के साथ आए अन्ना
इसी बीच जब दिल्ली मुख्यमंत्री केजरीवाल ने बैलेट पेपर से चुनाव की मांग बस की ही थी कि अन्ना की नींद खुल गई. EVM के समर्थन में भाजपा के पाले में खड़े अन्ना ने ये तक कह दिया कि बैलेट पेपर के इस्तेमाल से देश पीछे चला जाएगा.

गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में ईवीएम के मुद्दे को लेकर लगातार सियासी बहस जारी है. पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने यूपी चुनाव में EVM पर सवाल उठाये थे, जिसके समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी जांच होने की मांग की थी. खुद दिल्ली मुख्यमंत्री भी संसद तक में EVM का मुद्दा उठा चुके है ऐसे में अन्ना हजारे का EVM के समर्थन में बोलना सीधा-सीधा बीजेपी को समर्थन करना है.

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