अगर ऐसा हुआ तो भारत में गृहयुद्ध छिड़ेगा और खूनखराबा होगा – पढ़ें पूरी ख़बर

भाजपा शासित राज्य असम राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर यानी एनआरसी लिस्ट में 40 लाख लोगों को शामिल नहीं किए जाने के मसले पर जमकर बवाल मचा है। मामले में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी और अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी समेत कुछ अन्य दल केंद्र की मोदी सरकार का विरोध कर रहे हैं।

मामले पर बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपना रुख साफ करते हुए कहा कि फिलहाल असम के एनआरसी पर ही चर्चा हो रही है, आने वाले दिनों में देशभर में घुसपैठिए पर भी बात करेंगे। एनआरसी का विरोध करने वाली पार्टियों में सबसे मुख्य हैं ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी।

क्या है असम में NRC का पूरा मामला!
असम के बाद अन्य राज्यों में हालांकि फिलहाल एनआरसी को लेकर कुछ खास चर्चा नहीं है, लेकिन इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धमकी देते हुए साफ कर दिया है कि अगर आगे भी इस तरह की कोशिश जारी रही तो देश में गृहयुद्ध छिड़ सकता है और खूनखराबा भी मच सकता है।

एनआरसी पर मचे घमासान के बीच गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कहा कि, मैंने गृहमंत्री से कहा है कि आपके नेता कहते हैं कि अगला टारगेट पश्चिम बंगाल है, ये आदेश किसने दिए है। अभी वे कहेंगे की बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र और यूपी में इसे लागू करना है, लेकिन ऐसे देश नहीं चलेगा, गृहयुद्ध हो जाएगा, खूनखराबा हो जाएगा। ममता ने कहा कि सत्ताधारी दल का ये काम नहीं होता है।

ममता बनर्जी ने कहा कि हमने असम के बारे में गृहमंत्री को बताया, जिसपर उन्होंने भरोसा दिया है कि लोगों को परेशान नहीं करेंगे, मानवता का ख्याल रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि मैंने उन 40 लाख लोगों के नाम सौंपे हैं जिनके नाम छूट गए हैं। ममता ने कहा कि उनका नेतृत्व दावा कर रहा है कि अगला एनआरसी बंगाल में बनेगा, उन्हें ये अधिकार किसने दिया है?

आपको बता दें कि असम में सोमवार को एनआरसी का अंतिम मसौदा सूची जारी किया गया है, जिसमें 40 लोगों का नाम नहीं है, यानी वे सभी आधिकारिक तौर पर भारत के नागरिक नहीं है। जिसके बाद बीजेपी के कुछ बड़े नेताओं ने बयान दिया कि अगल उनकी पार्टी बंगाल की सत्ता में आती है तो वहां भी एनआरसी लागू किया जाएगा।

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