अब उद्धव ने EVM पर उठाए सवाल, कहा- BJP एक बार EVM की बजाए बैलेट पेपर से चुनाव लड़कर दिखाए

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना जारी है। ताज़ा रुझानों में बीजेपी बहुमत हासिल करती दिख रही है। खबर लिखे जाने तक आए रुझानों में बीजेपी 104 सीटों पर आगे है, वहीं कांग्रेस 76 सीटों पर ही बढ़त बना पाई है। जेडीएस भी 39 सीटों पर आगे है। इन रुझानों के साथ ही वोटिंग मशीन (ईवीएम) की प्रमाणिकता पर सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस और महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) के बाद अब शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी ईवीएम की प्रमाणिकता को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी एक बार चुनाव ईवीएम की बजाए बैलेट पेपर से लड़ ले तो सारे शक खुद ही दूर हो जाएंगे।

शिवसेना प्रमुख ने कहा, “मैं चाहता हूं कि सिर्फ़ एक बार बीजेपी ईवीएम की बजाए बैलेट पेपर से चुनाव लड़ ले, सारी शंकाएं खुद ही दूर हो जाएंगी”। वहीं, मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कर्नाटक चुनाव परिणामों का सारा श्रेय ईवीएम को देते हुए कहा कि यह जीत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के कारण है।इससे पहले कांग्रेस नेता मोहन प्रकाश ने ईवीएम की प्रमाणिकता पर सवाल खड़े करते हुए कहा, मैं पहले दिन से यह बात कह रहा हूं। भारत में कोई ऐसी राजनीतिक पार्टी नहीं है जिसने ईवीएम पर सवाल ना उठाए हों।

यहां तक कि बीजेपी ने भी अतीत में ऐसा किया है। अब जहां सभी पार्टियां ईवीएम पर शक कर रही हैं तो ऐसे में भाजपा को बैलेट पेपर के ज़रिए चुनाव करवाने में आखिर क्या परेशानी है?

हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस बार चुनाव नई पीढ़ी की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के ज़रिए करवाए गए थे ताकि कोई भी इसकी प्रमाणिकता पर सवाल ना उठा सके।

आयोग ने कहा कि नई ईवीएम मशीन से छेड़छाड़ संभव नहीं है। अगर कोई मशीन या उसका एक स्क्रू भी खोलने की कोशिश करेगा तो ये बंद हो जाएगी। इस मशीन को इंटरनेट या किसी भी नेटवर्क से कंट्रोल नहीं किया जा सकता है।

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