इस पेड़ को आज तक कोई नहीं काट पाया, दहशत इतनी कि लोग खेत छोड़ कर ही भाग निकले!

जयपुर: इस दुनिया में ऐसी कईं रहस्मयी चीज़ें हैं, जिनके राज़ पर से पर्दा उठाने के चक्कर में लाखों लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं. बात हमारी कुदरत की करें तो यहाँ अनगिनत पेड़ पौदें हैं जिनकी ख़ूबसूरती किसी का भी मन मोह सकती हैं. कुदरत ने हमे बहुत साड़ी खूबसूरत चीज़ें तोहफे में दी हैं. लेकिन इनमे से कुछ ऐसी चीज़ें भी हैं, जो अपने आप में ही बेहद रहस्मयी साबित हो रही हैं. इन्ही में से आज हम आपको एक ऐसे पुराने पेड़ के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसको काटने की हिम्मत आज तक कोई नहीं कर पाया. इतना ही नहीं बल्कि इस पेड़ से डर कर अब तक कईं किसान अपने खेत छोड़ कर भाग चुके हैं.

कईं लोगों की मौत का कारण है ये पेड़
इस पेड़ को किसी महानता के चलते कायम किया गया था. यह पेड़ पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले में स्थित चरोटी कलां गांव में मौजूद है. यह अनोखा विशालकाय बरगद का पेड़ है जिसकी जडें दूर दूर तक फैली हुई हैं. इस पेड़ की जड़ों को शापित माना जाता है. यह जडें लगातार बढती रहती हैं. इस बरगद की जाएं जिस भी खेत तक पहुँचती हैं, उस खेत में काम करने वाले किसान को पूरा का पूरा खेत छोड़ कर भागना पड़ता है.

इतना ही नहीं बल्कि, पेड़ की जड़ों को अगर कोई व्यक्ति परेशान करता है तो उसके घर में कोई ना कोई सदस्य जरुर मर जाता है. आपको पढ़ कर शायद हमारी बात पर यकीन नहीं हो रहा होगा. लेकिन यह कोई कहानी नहीं बल्कि एक ऐसा सच है, जिसको ना चाहते हुए भी सबको मानना पड़ रहा है. यह पेड़ चंडीगढ़ के मैं शहर से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्तिथ है. यहाँ रहने वाले लोगों के अनुसार इस पेड़ के शापित होने की मान्यता के चलते उनका अब इस गाँव में खेती करना दुश्वार हो गया है.

सैंकड़ो वर्ष पुराना है यह पेड़
गाँव में रहने वाले लोगों से जब पेड़ के बारे में पूछताछ की गयी तो उन्होंने बताया कि यह पेड़ सैंकड़ों साल पुराना है. पेड़ एक समय तक बढ़ते हैं और आखिर कार एक ना एक दिन उनकी ग्रोथ रुक जाती है. मगर यह पहला ऐसा पेड़ है जो इतने सालों पुराना हो चुका है लेकिन आज भी इसकी जडें बढ़ती जा रही हैं और गाँव वालों की ज़मीनों में पहुँच रही हैं. इस पेड़ की जड़े तो लगातार आसपास के क्षेत्र में बढ़ती ही जा रही हैं. ऐसे में कोई भी इसे काटने की जुर्रत नहीं कर पा रहा है.

गाँव वालों ने बताया कि यह पेड़ 200 साल पुराना है और शापित है. इसकी जडें आज तक कईं लोगों की जान ले चुकी हैं. ऐसे में पेड़ की दहशत इतनी बढ़ चुकी है कि कोई भी इसको काटने की नहीं सोच सकता. इसके इलावा जब इस पेड़ की जडें किसी व्यक्ति के खेत में पहुँच जाती हैं तो उसको ना चाहते हुए भी अपना खेत हमेशा के लिए छोड़ कर भागना पड़ता है. अनहोनी और मौत के डर से इस पेड़ को कोई नहीं काटता केवल इतना ही नहीं बल्कि इसके बढऩे पर भूमि को छोड़ देना ही गांव के लोगों की भलाई माना जाता है.

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