अमेरिका ने भी टेके अखिलेश के सामने घुटने, ट्रम्प भी हो गये नतमस्तक, पढ़ें पूरी ख़बर

देश की राजनीति का सबसे अहम प्रदेश है उत्तर प्रदेश. देश का बच्चा बच्चा जानता है कि दिल्ली का रास्ता यूपी होते हुए जाता है. यूपी देश का सबसे बड़ा राज्य है. यहां लोकसभा की 80 और विधानसभा की 400 से भी ज्यादा सीटें हैं.

कुछ दिनों पहले तक वहां के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हुआ करते थें, जिनकी छवि एक विकास पुरुष सीएम की थी.

1. सफल रहा भाजपा का सांप्रदायिक कार्ड
बतौर सीएम अखिलेश यादव ने यूपी में एक सफल पारी खेली. समर्थक हो या विरोधी, सभी अखिलेश के विकास कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना करते थें.

पिछले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने यहां सांप्रदायिक कार्ड खेलते हुए चुनावों का धार्मिक आधार पर धु्रवीकरण कराया जिसके फलस्वरुप यहां अखिलेश को हार का मुंह देखना पड़ा.

2. यूपी हुआ अशांत
जीतने के बाद यहां से भाजपा के फायरब्रांड हिंदुत्ववादी नेता योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बनें. तब से लेकर आज तक यूपी में सारे विकास कार्य अवरुद्ध हो चुके हैं.

हालात इतने बुरे हो चुके हैं कि ऑक्सीजन के अभाव में अस्पताल में भर्ती सैकड़ो बच्चों ने एक मामूली सी बीमारी के कारण दम तोड़ दिया.

3. बयानबाजी तक सीमित है योगी का वजूद
उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव ने अपने शासनकाल में जो विकास की बयार बहाई, उन पर अब ग्रहण लग चुका है.

अखिलेश यादव के खाते में राज्य में एक्सप्रेस वे का निमार्ण, बड़े बड़े फ्लाईओवर निमार्ण, स्टेट हाइवे का विकास आदि कार्य आते हैं

वहीं वर्तमान सीएम सिर्फ बयानबाजी तक सीमित हैं. उनकी कार्यशैली को देखकर लगता है कि सिर्फ बयानों से हीं राज्य का विकास हो सकता है.

4. राष्ट्रीय राजनीति में अहम भूमिका
अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, इस नाते देश की वर्तमान गठबंधन की राजनीति में उनकी भूमिका अहम हो जाती है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ उनकी मित्रता है तो वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ भी उन्होंने अपने रिश्ते मधुर कर लिए है.

वहीं बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के साथ उनकी खूब छनती है, वैसे दोनों रिश्तेदार भी हैं.

5. अमेरिका भी अखिलेश की कार्यशैली से मुग्ध
अखिलेश यादव की विकासपरस्त छवि की अब अमेरिका भी सराहना करने लगा है. भारत में अमेरिकी राजदूत नैंसी पॉवेल के स्वागत समारोह के दौरान अमेरिकी उद्योगपतियों ने अखिलेश को युवा भारत का नया चेहरा माना.

यूएस इंडियन बिजनेस काउंसिल के चेयरमैन रोन सोमर्स ने कहा कि अखिलेश नए भारत के युवा चेहरे हैं. उनके नेतृत्व में यूपी में विदेशी निवेश आने की बेहतरीन संभावनाएं हैं.

संभव है कि आने वाले वक्त में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में अगर यूपीए महागठबंधन की सरकार बनती है तो अखिलेश यादव उसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

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